Home Blog छुपा जहर

छुपा जहर

by Dr Shambhu Kumar Singh

किसी से पूछिए कि आप ने कभी ब्लू फ़िल्म देखी है तो वो ऐसे मुंह बनाएंगे गोया यह आपने उनसे क्या पूछ दिया ? जबकि असलियत यह है कि सभी ने देखी है।
अरे भाई ,आप कचरें, सड़ी गली चीजों को देखते होंगे ही , सड़कों के किनारे, नालों में ,उसी तरह यह पोर्न फिल्म है ।यह नालों का नहीं , नेट का कचरा है । देखे होंगे ही । यह अलग बात है कि कुछ लोग नाक पर रुमाल रख इससे दूर भागते हैं तो कुछ इस गंदगी में आनंद खोजने लगते हैं । यह एक तरह की मनोविकृति है । यह अब हमलोगों की पहुंच से दूर नहीं । पॉकेट में है ।हाँ , मैंने भी एक बार देखी थी , उल्टी हो गयी । सामान्य कामेच्छा खत्म हो गयी । कितनी विकृति है !
पर अभी स्थिति यह है कि इस पर कोई नहीं बोलना चाहता । सभी “संत” मोड में हैं । जबकि उनके बच्चे यह देख रहे हैं । उनसे इस पर बात कीजिये । समाज में इस पर चर्चा कीजिये । यह बहुत बड़ी विकृति है जो बच्चों की जेब में होती है । इस पर चिंता कीजिये । नहीं तो वह दिन दूर नहीं जब यह फिल्में स्मार्ट फोन से निकल कर सड़कों पर दिखाई देने लगेंगी ? चेतिये !
थोड़ा बहुत अपने शहर की सड़कों और पार्कों में आ भी गयी है यह !
आंख खोलियेगा तभी न देख पाईयेगा ?
आंख खोलिये !
बहुत देर हो गयी है !
😢😢😢😢

डॉ. शंभु कुमार सिंह
19 जून ,21
पटना

Related Articles

Leave a Comment